Thursday, August 23, 2012

एक बेल के जीवन कि कहानी जो कुछ -२ अपनी सी लगती है - Ek Bel Ke Jeevan Ki Kahani Jo Kuch Kuch Apni Si Lagti Hai


























बीज कि कोमल कोंपल जब धरा से बाहर आती है तो उसे पता नहीं होता उसकी किस्मत क्या है. वो कोंपल किसी किसान ने नहीं उगाई ये खुद उगी है एक अँधेरे जंगल में,  ना धूप से बचाने वाला कोई है ना पानी देने वाला कोई | समय इसे बताएगा इसकी किस्मत में क्या लिखा है | इसे लड़ना होगा अपना अस्तित्व बचाने के लिए पर ..! इसकी लड़ाई है किस से इसका तो कोई दुश्मन ही नहीं है .पर  देखा जाये तो हर कोई इसका दुश्मन है| कही किसी के पाव के निचे दब गयी तो ..? या किसी पशु ने इसे अपनी भूख मिटाने के लिए खा लिया तो.? थोड़ी बड़ी हो गयी अब एक बेल बन चुकी है मगर उसकी किस्मत अच्छी नहीं निकली आस पास कोई पेड़ भी तो नहीं जिसका सहारा लेकर वो उपर चढ़ सके और वो पोधा भी तो नहीं है जो खुद के पैरो पे खड़ा हो सके. गर्मियों कि धुप सह रही है जमीन पे पड़ी पड़ी कभी कभी लगता इस जिन्दगी जीने से क्या फायदा भूखी-प्यासी हर समय संघर्ष करती जिन्दगी पर संघर्ष का ही दूसरा नाम तो जिन्दगी है कभी कभी दो बुँदे पानी कि बरसती है तो जीने कि आस खड़ी हो जाती है इसी आस के सहारे जिन्दगी चल रही है मगर कब तक बहुत दिन हो गये बादल नहीं बरसे आसमां कि तरफ टकटकी लगाये देख रही है कब पानी बरसे और उसकी प्यास बुझ जाये पर आस तो आस है. प्यास से जान निकली जा रही है उपर से सूर्य कि गर्मी से अब पत्ते भी सूखने लगे है .अब उसका साहस जवाब देने लगा है ऐसा लग रहा है शायद वो जिन्दगी कि लड़ाई हार जाएगी. अकेली कब तक सब से लड़ेगी वो और अपनी किस्मत से भी तो लड़ रही है | अगर किस्मत अच्छी होती तो किसी पेड़ के सहारे उपर ना चढ़ती यू जमीन पर क्यों पड़ी होती | उसे पेड़ कि छाव नसीब होती यू गर्मी में तपना नहीं पड़ता | किसे दोष दे हालत को या किस्मत को हालत अच्छे होते तो बारिश हो जाती हालत और किस्मत दोनों उसके पक्ष में नहीं पर उसे तो लड़ना है जिन्दगी के लिए अभी तो बहुत कुछ देखना बाकि है यही सोच के उत्साह के साथ फिर उठ खड़ी हुई कि वो लड़ेगी जिन्दगी के लिए हालत और किस्मत दोनों से | बहुत साहसी है ये बेल |शाम हो चली है सूर्य ढल रहा है कुछ ठंडक का एहसास हुआ | अचानक से हवाये चलने लगी है बादल छा गये लगता है बारिश होने वाली है मन आनंदित हो उठा लेकिन ये बारिश नहीं ये तो तूफान है जो धीरे-२ उस कि तरफ बढ़ता चला आ रहा है आखिर तूफान आ ही गया उस बहुत कोशिश कि तूफान से लड़ने कि, वो होसला ,वो जीने का ज़ज्बा वो हालत और किस्मत से  लड़ने कि द्रिढ़ शक्ति सब तूफान के आगे हार गयी आखिर तूफान अपने रास्ते निकल गया उसे जो करना था वो कर चुका था सब तहस नहस हो चूका था बड़े-२ पेड़ उखड चुके थे और.. वो बेल अरे !  कहा गयी ? यही तो थी .....नहीं अब नहीं है उसका कोई निशां अब बाकि नहीं तूफान उसे भी अपने आगोश में समा ले गया |

क्या हमारी जिन्दगी भी कुछ इस तरह कि है या शायद नहीं है ..................?
अजीब कशमकश में हूं मैं कशमकश जिन्दगी कि क्या कोई सुलझाने में मेरी मदद करेगा !

  लेखक : आदित्य सकलानी

 ये दुनिया, ये लोग, ये दोस्त और ये "आदित्य"
सब भूल जायेगे मुझे पीछे रह जायेगा मेरा साहित्य
ये "आदित्य" कही अंधेरों में खो भी गया तो क्या गम है
सुबह के उजाले लेते हुए आएगा आसमां में वो दूसरा आदित्य

Saturday, May 19, 2012

Kab Talak Muskurahto Se Chhupate Rahoge



















कब तलक मुस्कुराहटों से छुपाते रहोगे उस के दिए जख्मों को
**आदित्य**
कभी तो उस कि यादों के दर्द कि हकीकत आँखों से छलक आएगी


Kab Talk Muskurahton Se Chhupate Rahoge Us Ke DIye Jakhmo Ko
**Aditya**
Kabhi To Us Ki Yado Ke Drd Ki Hakikat Aankhon Se Chhalk Aayegi

Tuesday, January 31, 2012

Ajab Jindgi Thi Meri



Ajab Jindgi Thi Meri, Bs Pas Mere Bandgi Thi Meri
Na Koi Apna Tha, Na Koi Paraya Tha
Bs Udasiyo Ka Dil Pe Mere Saya Tha
Ese Me Wo Shakhs Meri Jindgi Me Aaya
Kya Hota Hai Pyar Ye Ehsaas Dilaya
Kaha Hum Ne Bhi Use Tumhi Ko Chaha Tumhi Ko Pyar Kiya
Us Ne Bhi Hum Se Us Ki Mohbat Ka Izhaar Kiya
Bahut Khushnuma Humare Din Rat Guzare
Unke Hi Khyalo Ke Sath Guzre
Itna Pyar Diya Us Ne Ke Kabhi Tanha Na Rahne Diya
Ek Katra Bhi Kabhi Aankho Se Aansu Ka Mere Bahne Na Diya
Usko Pane Ke Siva Khuda Se Kabhi Koi Fariyad Nahi Ki
Uski Bato Ke Siva Kabhi Kisi Ki Bhi Humne Bat Nahi Ki
Hum Ne To Chaha Tha Unko *Dil Se Dil Tak*
Mt Samjhna Tere *Aditya* Ko Hai Teri Mohbat Pe Shaq
Jane Kyo Lga Pas Hoke Bhi Wo Mere Kareeb Nahi Hoti
Kyo Ki Khushiya To Hr Kisi Ke Naseeb Me Nahi Hoti
Aakhir Kah Diya Unhone Ke Wo Humare Ho Nahi Sakte
Thana Tha Jo Hath Umr Bhar Ke Liye Sahare Ho Nahi Sakte
Kya Kahta Kuch Bhi Kah Nahi Sakta Tha
Bina Uske Jinda Rah Bhi nahi Sakta Tha
Mujhe Uska Hr Faisla Manjoor Hai
Pr Mujhe Un Se Kuch Kahna Jarooer Hai
Ki Shayd Ab Jindgi Ke Safar me Tum Mere Sath Nahi Ho
Pr Esa Kabhi Ho Nahi Sakta Sath MEre Tera Ehsas Nahi ho

**Aditya Saklani**







Wednesday, November 16, 2011

यही वादा किया था ना तुम से - Yahi Wada Kiya Tha Na Tum Se








यही वादा किया था ना तुम से
के तुम्हारे बिना मैं जी नहीं पाउँगा
यही वादा किया था ना तुम से
के ढूढ़ते रह जाओगे पर मिल नहीं पाउँगा
यही वादा किया था ना तुम से
के एक दिन दूर बहुत चला जाऊंगा
लो अब मेरा वादा निभाने का वक़्त आ गया
के मेरा घर से जाने का वक्त आ गया
सुन के नाम आदित्य एक धुंधली सी याद उठेगी सब के मन में
के अब उन्ही यादों में आने का वक़्त आ गया
यही वादा किया था ना तुम से
के जब तलक साँस चलेगी तुम्ही को चाहूँगा
तुम तो कहती हो के भूल जाओ मुझको आदित्य
यही वादा किया था ना तुम से
के तुम चाहे भला दो मैं भुला ना पाउँगा
के मिल के जो मेरी मोहब्बत का मजाक उड़ाया सब ने
मैं चुप रहा कुछ ना कहा देख रहा था चुप चाप कब से
यही वादा किया था ना तुमसे
कोई कुछ भी कह ले अपने होंट नहीं हिलाऊंगा
के तेरे कुछ अपने शायद रूठ गये जब पता चला मुझे प्यार कितना है तुझ से
यहि वादा  किया था ना तुम से
के अब कभी तुम्हारे अपनों के बीच नहीं आऊंगा 
वो दोस्त यार वो सब अपने साथ छोड़ गये
दिल से दिल तक किये वो वो तोड़ गये
पर मैंने दिल में बसा के रखा है सबको
यही वादा किया था ना तुम से के मैं याद बहुत आऊंगा 
तुम ने तो कह दिया हम एक हो नहीं सकते
यही वादा  किया था ना तुमसे कि धडकनों के रुकने तक साथ निभाऊंगा 
के अब मेरी तन्हाइया बुला रही है पास अपने मुझको
बहुत खुश हूं उस के पास जाने को अब हमेशा के लिए चला जाऊंगा |

Tuesday, September 27, 2011

तेरा नाम ना लिखा होगा


















जिस दिन तेरा दिल मेरे दिल से जुदा होगा
सीने से मेरा दिल निकाल के देखना तेरा ही नाम खुदा होगा
तुझसे बिछड़ने पे जिन्दगी कि सांसो कि जंग हार जायेगा ये "आदित्य"
जो कभी कहा करता देखना पैरों तले मेरे आसमां भी कभी झुका होगा
लौटा दूंगा खुदा को मैं उसकी दी हुई ये जिन्दगी
अगर इस जिन्दगी के सफर में मेरे साथ तेरा नाम ना लिखा होगा
**आदित्य सकलानी** ----**दिल से दिल तक**

Jis Din Tera Dil Mere Dil Se Juda Hoga
Sine Se Mera Dil Nikal Ke Dekhna Tera Hi Nam Khuda Hoga
Tujh Se Bichadne Pe JIndgi Ki Jang Har Jayega Ye "Aditya"
Jo Kabhi Kaha Karta Tha Pairo Tale Mere Aasmaan Bhi Kabhi Jhuka Hoga
Lota Dunga Khuda Ko Di Hui Uski Ye Jindgi
Agar Is Jindgi Ke Safar Me Nam Tera Na Likha Hoga
*8Aditya Saklani**----**Dil Se Dil Tak**

बात आदित्य और उसकी कलम कि

















------------------बात आदित्य और उसकी कलम कि ---------------------
तन्हा हुआ "आदित्य" तो दिल ने फिर आवाज दी कलम उठाने को
एक दिन इसी दिल ने कहा था जिस कलम को छोड़ जाने को
हाथ उठाया लिखने को तो लगा कलम को भी किसी के आने का इंतज़ार है
कहा "आदित्य" ने कलम से तू भी रुक गयी मेरे दिल कि बेबसी आजमाने को
तो कलम ने कहा हँसते हुए कहा क्यों झूठे गम दिखाता है मुझे सब पता है
तू भी तो लिखता है सिर्फ अपना दिल बहलाने को
मैंने कहा जा तू भी किसी कोने में पड़ी रह तन्हा मेरे दिल कि तरह
तो कहने लगी क्यों तन्हा छोड़ रहा है मुझे तू अपना ही दिल दुखाने को
मैं तेरे साथ हूं कोई हो ना हो एक दिन तेरी याद आएगी जरूर इस जमाने को

याद रखना इस आदित्य को भुलाना ना कभी
गुजारिश है सब से अपनों को आजमाना ना कभी

**आदित्य सकलानी**

वादा

करके गये थे वादा आने का सदियाँ बीत गयी आप ना आये
अब भी साथ है मेरे तुम्हारी दी हुई तन्हाईयो के साये
तू आ मेरी जिन्दगी में या ना आ ये फैसला तेरा है
हम आज भी रातें गुज़ारते है चाँद कि रोशनी में कि शायद तू आये
चल आज तेरे फैसले पे यकीन कर लिया मैंने कि फैसला तेरा दिल से था
हम नहीं याद करेगे तुझे फिर ना कहना गर हमारा कोई तुझे पैगाम ना आये
अंधेरों ने तो सबकों रह दिखाने वाले "आदित्य" को भी कहा छोड़ा है
नहीं तो वो भी सोचता है कभी तो ऐसा हो सुबह के बाद शाम ना आये
अब देखिये ये सब बाते अपने तक ही रखियेगा मेरे दोस्तों
अपने दिल से जो कुछ कहिये बस चर्चा इस "आदित्य" का महफिलों में सरेआम ना आये
**आदित्य सकलानी**

हर ना तुम्हारे लिए हाँ बन गयी

------हर ना तुम्हारे लिए हाँ बन गयी ------

कितनी अनजान थी तुम
पर धीरे-२ मेरी जान बन गयी
सब जानते है आज मुझे तेरे ही नाम से
धीरे-२ तू ही मेरी पहचान बन गयी
जब कहा भरी महफिल में "आदित्य" ने उन्हें जान अपनी
तो दिल में हाँ करके आँखों से बयाँ करके जुबा से अनजान बन गयी
देख के मेरा प्यार उसने कहा बहुत मासूम हो तुम
तभी तो मेरी हर ना धीरे-२ तुम्हारे लिए हाँ बन गयी
**आदित्य सकलानी*

जब भी सोचता हूं

जब भी सोचता हूं तेरे बारे में क्यों खुद को भूल जाता हूं मैं
कैसे बताऊ तुझे खुदा से ज्यादा तुझे चाहता हूं मैं
ना जाने कैसी कशिश है तेरे वजूद में
बिना देखे तेरी और खिंचा चला आता हूं मैं
करते हो जो बात किसी और से छोड़ के मुझको
ना जाने किस जलन से जला जाता हूं मैं
सुना -२ सा लगता है ये जग सारा ये मुझको
जब अपने दिल से आस पास तुझे ना पाता हूं मैं
अब ना कोई खवाइश ना है कोई आरजू मुझको
बस तेरे प्यार के आगोश में खोना चाहता हूं मैं
**आदित्य सकलानी**

दिल से दिल तक

सोये हैं हाथो मे गुलाब लिए, मगर इश्क का इज़हार नहीं करते
रहते हैं मेरे दिल मे कैसे कह दूं के वो मुझे प्यार नहीं करते
मेरे दिल कि हर धडकन धड़कती है नाम लेके उसका
मेरी जान बसी है उनमे कैसे कह दूं वो मेरी धडकनों पे ऐतबार नहीं करते
कहना चाहता हूं जो भी बिना कहे मेरे ,"दिल से दिल तक " उनके हर बात पहुचती है
जिस बात मैं जिक्र उनका ना आये हम वो बात नहीं करते
जब भी आँखे बंद करता हूं वो आते है मुझसे मिलने
कैसे कह दूं के वो मुझसे मुलाकात नहीं करते
अगर चाहता है खुदा के "आदित्य" उनको उस से मांगने कि दुआ करे उस से
तो सुन ले ऐ खुदा जो हमारा है हम उसे पाने कि तुझ से भी फरियाद नहीं करते
**आदित्य सकलानी**

गजल तेरे नाम कि

लगता है कलम के रुकने का वक़्त आ गया
जो सियाही थी तेरे प्यार कि वो अब खत्म हो चुकी है
जिस उम्मीद पे हम लिखते थे गजल तेरे नाम कि
वो उम्मीद अब अब दिल मे कही दफ़न हो चुकी है
ना उठा इस सफ़ेद कागज़ कि चादर को मेरे चेहरे से
अब ये कागज़ कि चादर एक कफ़न हो चुकी है
**आदित्य सकलानी**

Sunday, September 25, 2011

ना जा के तू छोड़ के - Dont Leave Me



















ना जा के तू छोड़ के "आदित्य" को मैं मोहब्बत तुझसे बेपनाह करता हूं
क्या सबूत दूं तुझको अपनी मोहब्बत का तेरा ही सजदा खुदा कि जगह  करता हूं
के अभी बाकि है कुछ पल जिन्दगी के मेरे लौट आ तुझे मेरे आंसूओ कि कसम
जिन आंसूओ के सहारे तेरी याद में  शाम से सुबह करता हूं
बिना तेरे मैं जी नहीं पाउँगा , तू ही तो मेरी जिन्दगी है
अब तू ही बता क्या तुझे पाने कि जिद्द मैं बेवजह करता हूं
अगर जाना है तो जा मेरी जिन्दगी से बस इतना रहम कर दे मुझपे
अपने प्यार कि जंजीरों से रिहा कर मुझको फिर देख कैसे खुद को तबाह करता हूं
**दिल से दिल तक**,**आदित्य सकलानी**


Na Ja Ke Chhod Ke “Aditya” Ko Main Mohabat Tujhse Bepanah Karta Hoon
Kya Sabot Doon Tujhko Apni Mohabbat Ka Tera Hi Sazda Khuda Ki Jagah Karta Hoon
Ke Abhi Baki Hai Kuch Pal Jindgi Ke Mere Lot Aa Tujhe Mere Aansuo Ki Ksm
Jin Aansuo Ke Sahare Teri Yad Me Sham Se Subah Karta Hoon
Bina Tere Main Ji Nahi Pauga Tu Hi To Meri Jindagi Hai
Ab Tu Hi Ta Kya Tujhe Pane Ki Jidd Main Bewajah Karta Hoon
Agar Jana Hai To Ha Meri Jindgi Se Bs Itna Rahm Kr De Mujh Pe
Apne Pyar Ki Janzeero Se Riha Kr Mujhko Fir Dekh Kaise Khud Ko Tabah Karta Hoon

**Dil Se DIl Tak**,**Aditya Saklani**

आया करेगे तेरी यादों में - Aaya Karenge Teri Yadoon Me



आ के देख जरा इक बार तेरे दीवाने को
जल रहा है जो तेरे याद में उस परवाने को
मेरे प्यार कि कहानी बाद मेरे तेरी जुबाँ पे होगी
तरसेगी रूह तेरी सुन ने को मेरे प्यार के अपसाने को
तू मेरी जिन्दगी है, जा रही है मुझे मौत के आगोश में छोड़कर
आया करेगे तेरी यादों में तुझ से प्यार जताने को
जब भी सुनोगे किस्से मोहबत के किसी के लिखे हुए
याद करोगे तुम्हारे लिए लिखे "आदित्य" के इन तरानों को
**आदित्य सकलानी**



 
AA Ke Dekh Jra Ik Bar Tere Deewane Ko
Jl Raha Hai Jo Tere Pyar Me Us Parwane Ko
Mere Pyar Ki Kahani Bad Mere Teri Juban Pe Hogi
Tarsegi Ruh Teri Sun Ne Ko Mere Pyar Ke Afsane Ko
Tu Meri Jindgi Hai Ja Rahi Hai Mujhe Mout Ke Aagosh Me Chhodkr
Aaya KArenge Teri Yado Me Tujh Se Pyar Jatane Ko
Jb Bhi Sunoge Kisse Mohabbat Ke Likhe Hue Kisi ke
Yad Karoge Tumhare Liye Likhe “Aditya” Ke In Tarano Ko
**Aditya Saklani**

Sunday, August 21, 2011

मेरी याद आएगी जरूर - Meri Yaad Aayegi Jaroor



















तू भुला दे चाहे मुझको देखना एक दिन तुझे मेरी याद आएगी जरूर
तू तरसेगी मेरी एक झलक के लिए पर पायेगी खुद को मजबूर
याद आएगा हर लम्हा तुझे प्यार "आदित्य" का जो सिर्फ तेरा था
बुलाना भी चाहोगी पास अपने तब भी बुला ना पाओगी चला जाऊंगा इतना दूर

Tu Bhula De Chahe Mujhko Dekhna Ek Din Tujhe MEri Yaad Aayegi Jaroor
Tu Tarsegi Meri Ek Jhalak Pane Ke Liye Pr Payegi Khud Ko Majoor
Yad Aayega Hr Lamha Tujhe Pyar "Aditya" Ka Jo Sirf Tera Tha
Bulana Bhi Chahogi Pas Apne Tb BHi Bula Na Paogi Chala Jauga Itne Door

21 Aug, 2011

Wednesday, August 10, 2011

ये दूरियां - Ye Dooriyan













दूरियां बढ़ा ली हमसे के की शायद हम भूल जायेंगे उसको
तो सुन हम हम उसी चाहत से चाहेंगे तुझको
या तो ये ख्याल अपने मन से तू निकाल दे
या अपने ही हाथों से मिटा दे मुझको
**आदित्य सकलानी**

10 Aug,2011 {1:45 PM}

Saturday, August 6, 2011

रहूँगा हमेशा तेरा _ Rahunga Hamesha Tera - I Am Always Your
















चली गयी छोड़ के ये भी ना सोचा बाद जाने के तेरे क्या होगा मेरा
कैसे जियेगा वो शख्स तेरे बिन जिसकी धड़कने भी लेती है नाम तेरा
अगर जुदा होना ही था तो अपना बनाया ही ना होता मुझको
ऐसा डूबा इस शाम आदित्य कि बाद निशा के आने के अब ना होगा कोई सवेरा
याद ना करना मुझको अब ना मिलूँगा तुझको
तू बेशक किसी और कि हो जा मैं रहूँगा हमेशा तेरा
-आदित्य सकलानी-

Chali Gyi Chhod Ke Ye Bhi Na Socha Bad Jane Ke Tere Kya Hoga Mera 
Kaise Jiyega Wo Shakhs Tere Bin Jiski Dhadkne Bhi Leti Hai  Nam Tera
Agar Juda Hona Hi Tha To Apna Banaya Hi Na Hota Mujhko
Esa Duba Is Sham “Aditya” Ki Bad  “Nisha” Ke Ab Na Hoga Koi Savera
Yaad Na Karna Mujhko Ab Na Miluga Tujhko Tu Mere Dil Me Hai
Tu Beshk Kisi Or Ki Ho Ja Main Rahuga Hamesha Tera
-Aditya Saklani-

एक सवाल - Ek Swal - A Quation




















कहती थी जितना लड़ते हो उस से कहीं ज्यादा प्यार करते हो मुझसे
क्यों चली गयी फिर छोड़ के मुझको पूछना चाहता हूं तुझसे
क्या मिलेगा कोई दीवाना आदित्य सा तुझे जिस कि हर धडकन में तू है
कभी एहसास हो मेरे प्यार का तो पूछना ये सवाल खुद से
-आदित्य सकलानी-

Kahti Thi Jitna Ladte Ho Us Se Kahin Jyada Pyar Karte Ho Mujhse
Kyo Chali Gyi Phir Chhod Ke Mujhko Puchhna Chahta Hoon Tujh Se
Kya Milega Koi Deewana Aditya Sa Tujhko Jiski Hr Dhadkn Me Tu Hai
Kabhi Ehsaas Ho Mere Pyar Ka To Puchhna Ye Sawal Khud Se
-Aditya Saklani-

(06 Aug,2011)

ख़ुशी के आंसू - Khushi Ke Aansu - Tear of Joys

























जब-जब लबों पे हंसी हो और आँखों में ख़ुशी के आंसू
तब-तब वो वक़्त कभी ना भूलने वाला यादगार वक्त होता रहेगा
तेरी भी हर मुस्कुराहट को यादगार बनाने ले लिए
जब-जब तू हंसा करेगी तब-तब आदित्य रोता रहेगा
-आदित्य सकलानी-

Jab-Jab Labo Pe Hansi Ho Or Aankho Me Khushi Ke Aansu
Tab-Tab Wo Waqt Kabhi Na Bhoolne Wala Yaadgar Waqt Hota Rahega
Teri Bhi Hr Muskuraht Ko Yadgar Banane Ke Liye
Jab-Jab Tu Hansa Karegi Tab Tab Aditya Rota Rahega
-Aditya Saklani-

Aug 6, 2011

कतरा आंसू का - Katra Aanu Ka - A Piece Of Tears




मेरी हर शायरी हर ग़ज़ल में नाम तेरा आएगा
जब जब आदित्य निकलेगा अँधेरा निशा का छाएगा
यकीन है अपनी मोहब्बत पे नाम सुनते ही आदित्य
तेरे लबो पे हंसी और आँखों से आंसू का कतरा निकल आएगा
-आदित्य सकलानी-



Meri Hr Shayri Hr Gazal Me Nam Tera Aayega
Jb Jb Aditya Niklega Andhera Nisha Ka Chhayega
Yakeen Hai Apni Mohabbat Pe Nam Sunte Hi Aditya
Tere Labo Pe Hansi Or Aankho Se Aansu Ka Katra Nikl Aayega

-Aditya SaklanI-

Friday, August 5, 2011

खुदा जानता है - Khuda Janta Hai - The God Knows

खुदा जानता है कितना रोया है "आदित्य" जब ख्याल आया मुझे छोड़ के तेरे जाने का
बता मेरे खुदा क्या कसूर मेरा क्यों नहीं ले सकता मैं ख्याल उसे पाने का
जानता था ना तू कि वो जिन्दगी है मेरी नहीं जी सकता उस के बिन
कर के उसे मुझ से जुदा क्या तरीका ढूंढा मुझे मेरी जिन्दगी से हराने का
बहुत रुलाया है तूने उस से मुझे जुदा कर एक -एक आंसू का हिसाब लूँगा
जल्द ही तेरे पास आउगा फिर ना कोई तरीका होगा पास तेरे मुझे मनाने का
मेरी जिन्दगी भी छीन ले तब भी तू उसे मेरे दिल से जुदा कर नहीं सकता
क्या कहू मुझ से जुदा करने का और शुक्रिया उसे मेरी जिन्दगी में लाने का